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Sunday, 16 April 2023

गेमीफाइड लर्निंग

गेमीफाइड लर्निंग एक शिक्षण विधि है जो खेलों के माध्यम से शिक्षा देने का प्रयास करती है। यह उन छात्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है जो विषयों को याद करने में कठिनाई महसूस करते हैं या जिनकी ध्यानाकर्षण क्षमता कमजोर है।
गेमीफाइड लर्निंग का उपयोग माध्यमिक स्तर पर अनेक तरीकों से किया जा सकता है। यहां कुछ उदाहरण दिए गए हैं जो मदद कर सकते हैं:
(1) विज्ञान: छात्रों को विभिन्न विज्ञान प्रक्रियाओं और प्रयोगों के बारे में समझने के लिए विभिन्न विज्ञान खेल खिलाए जा सकते हैं। इन खेलों के माध्यम से छात्रों को विज्ञान की समझ बढ़ाने में मदद मिलती है।
(2) भूगोल: भूगोल से संबंधित जानकारी के लिए भूगोल खेल उपलब्ध होते हैं। छात्रों को विभिन्न देशों, राज्यों और शहरों के नाम और स्थान के बारे में समझाया जाता है।
(3) इतिहास: छात्रों को ऐतिहासिक घटनाओं, व्यक्तियों और स्थलों के बारे में शिक्षा ।

प्राथमिक स्तर पर गेमीफाइड लर्निंग का उपयोग 
छोटे बच्चों के लिए किस प्रकार किया जा सकता है उदाहरण के साथ बताएं
गेमीफाइड लर्निंग प्राथमिक स्तर पर बच्चों के लिए बहुत उपयोगी हो सकती है। यह बच्चों को सीखने का एक रोचक तरीका प्रदान करती है और उन्हें सभी विषयों को समझने में मदद कर सकती है। यहाँ कुछ उदाहरण दिए गए हैं जो छोटे बच्चों के लिए गेमीफाइड लर्निंग का उपयोग करने में मदद कर सकते हैं:
(1) गणित: बच्चों को गणित सीखने के लिए गेमीफाइड लर्निंग अच्छी तरह से काम करती है। इसमें बच्चों को गणित के मूल तत्वों जैसे जोड़, घटाव, गुणा, भाग और गणितीय समीकरण सीखने के लिए रोचक और मनोरंजक गेम्स शामिल हो सकते हैं।
(2) अंग्रेजी: बच्चों को अंग्रेजी भाषा की समझ बढ़ाने के लिए गेमीफाइड लर्निंग उपयोगी हो सकती है। इसमें उन्हें वर्णमाला, शब्दावली, उच्चारण और वाक्य संरचना समझाने के लिए रोचक खेल शामिल हो सकते हैं।
(3) सामाजिक अध्ययन: बच्चों को सामाजिक अध्ययन के लिए भी गेमीफाइड लर्निंग उपयोगी हो सकती है।

इसी प्रकार उच्चतर माध्यमिक स्तर 9वीं से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए की मिसाइल लर्निंग का क्या उपयोग है उदाहरण के साथ बताएं
मिसाइल लर्निंग उच्चतर माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए एक उपयोगी और रोचक तकनीक हो सकती है। यह विद्यार्थियों को उनकी अध्ययन विषयों के लिए एक अलग-अलग तरीके से समझने का मौका देती है और उन्हें अपनी शिक्षा का स्वयं नियंत्रण लेने में मदद करती है। यहाँ कुछ उदाहरण दिए गए हैं जो उच्चतर माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए मिसाइल लर्निंग का उपयोग करने में मदद कर सकते हैं:
(1) विज्ञान: विज्ञान विषय के लिए, मिसाइल लर्निंग विद्यार्थियों को विभिन्न विज्ञानिक मुद्दों और प्रयोगों को समझने के लिए रोचक सिमुलेशन शामिल कर सकती है। उदाहरण के लिए, मिसाइल लर्निंग विद्यार्थियों को अणु, तत्व युक्तियाँ, अवकाश, विद्युत धारा, विद्युत धनात्मकता, संचार तंत्र और सौर ऊर्जा से सम्बंधित मुद्दों को समझने में मदद कर सकती है।

"My Achievement as a Resource Person"

"I'm proud to share my achievement."
"As a resource person, I've had the opportunity to work with a variety of individuals and groups, from students to professionals in the field. One of my proudest achievements has been the impact I've had on the students I've worked with. Through my workshops and Seminar sessions, I've been able to help students improve their Research Statistical skills and develop more confidence in their abilities. Many of these students have gone on to achieve academic and professional success, and it's been incredibly rewarding to see their progress.  
Overall, as a resource person, my goal is always to provide value to the individuals and groups I work with, and I'm committed to continuing to make a positive impact through my work."

मंच संचालन का प्रारूप

          मंच संचालन का प्रारूप

2 शिक्षकों द्वारा राष्ट्रीय संगोष्ठी का मंच संचालन

             संगोष्ठी का शीर्षक
"शिक्षक शिक्षा में पाठ्यक्रम एवं प्रशासन: संभावनाएं एवं अवसर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिपेक्ष में"


प्रथम संचालन - डॉक्टर रानी वैद्य
द्वितीय संचालन - डॉक्टर परिधि वर्मा


          संगोष्ठी का प्रथम तकनीकी सत्र


Rani - "हमारे इस विश्व विद्यालय परिवार में स्वागत है आप सभी का
            शब्दों के इस संसार में स्वागत है आपका
            गहन चिंतन और मनन के मंच पर स्वागत है आपका
            शिक्षा के मंदिर में स्वागत है आप सभी का"
            सभागार में मौजूद सभी सम्मानीय अतिथियों को मेरा नमस्कार
            मैं डॉक्टर रानी वैद्य आप सभी का इस संगोष्ठी में हार्दिक स्वागत करती हूं अभिनंदन करती हूं 


Paridhi -  मंच पर आसीन अति आदरणीय विद्वत जन एवं इस सभागार में उपस्थित सभी प्रबुद्ध जनों का मैं डॉक्टर             परिधि वर्मा अभिवादन करती हूं। आज के कार्यक्रम की जानकारी आप सभी को कार्यक्रम के समन्वयक                 डॉ आशीष सर द्वारा दी जा चुकी है।


Rani - संगोष्ठी का शीर्षक शिक्षक शिक्षा में पाठ्यक्रम एवं प्रशासन संभावनाएं एवं अवसर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020             के परिपेक्ष में।
            इस संगोष्ठी में है हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने में समस्याओं, चुनौतियां एवं समाधान पर                     प्रकाश डाला जा रहा है।
            वास्तव में विजय समस्याओं में अवसर खोजने से आती है।
            चुनौतियां सफलता के नए द्वार हैं।
            इन समस्याओं और अवसरों पर प्रकाश डालने इस प्रथम तकनीकी सत्र में मंच पर आसीन सभी सम्मानीय             अतिथि गणों से अनुमति चाहती हूं
            धन्यवाद सर


Paridhi - तो तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत करें आज के कार्यक्रम के प्रथम तकनीकी सत्र के अध्यक्ष श्री             सम्माननीय प्रोफेसर राकेश बाजपेई सर जी का। आप विश्व विद्यालय परिवार में भौतिकी शास्त्र में वरिष्ठ                 सदस्य हैं। साथ ही साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संयोजक हैं।
             मैं सर का शॉल, श्रीफल, मोमेंटो के साथ सम्मान करने के लिए शिक्षा विभाग से आदरणीय प्रोफेसर ए के                 गिल मैडम से अनुरोध करती हूं कि वह सर का सम्मान करें
            धन्यवाद मैडम


Rani - स्वागत श्रंखला में प्रथम सत्र के विषय विशेषज्ञ डॉ राजेश तिवारी सर का जोरदार तालियों से स्वागत करें।                 आप संयुक्त निर्देशक शिक्षा, जबलपुर संभाग में सार्वजनिक निर्देश निर्देशआलय में पदस्थ हैं
            मैं सर का शॉल, श्रीफल, मोमेंटो के साथ सम्मान करने के लिए आज के कार्यक्रम के समन्वयक आदरणीय             डॉ आशीष मिश्रा से अनुरोध करती हूं कि वह सर का सम्मान करें
            धन्यवाद 

Paridhi - हमारी परंपरा रही अतिथि सत्कार की।
               स्वागत श्रंखला में प्रथम सत्र के प्रतिवेदन डॉक्टर सुनील जैन जी का जोरदार तालियों से स्वागत करें। आप                 श्री वर्णी दिगंबर कॉलेज के प्राचार्य हैं।
               मैं सर का शॉल, श्रीफल, मोमेंटो के साथ सम्मान करने के लिए शिक्षा विभाग से आदरणीय डॉ अंजू यादव                 मैडम से अनुरोध करती हूं कि वह सर का सम्मान करें
                धन्यवाद मैडम


Rani - स्वागत श्रंखला के पश्चात आइए चलते हैं प्रथम तकनीकी सत्र में
        विभिन्न महाविद्यालय से आए अतिथि गणों द्वारा शोध पत्र का वाचन किया जा रहा है। शोध पत्र का वाचन                 क्रमानुसार है जिन 5 प्रतिभागियों को शोध पत्र के लिए आमंत्रित कर रहे हैं उनके नाम निम्नानुसार है।
        १)
        २)
        ३)
        ४)
        ५)


Paridhi - समय की गरिमा को देखते हुए शोध पत्र वाचन करते समय प्रत्येक प्रतिभागी को समय सीमा का ध्यान                 अवश्य रखना होगा । समय अवधि 4 से 5 मिनट निर्धारित की गई है।आप सभी से निवेदन है कि आप स्वयं                 समय सीमा का अनुशासन बनाए रखें।
                सर्वप्रथम शोध पत्र के वचन हेतु में आमंत्रित करती हूं
            १)                      को कि वो मंच पर आकर शोध पत्र का वाचन करें।
                धन्यवाद मैडम


Rani - २)                      को कि वो मंच पर आकर शोध पत्र का वाचन करें।
            धन्यवाद मैडम


Paridhi - ३)                      को कि वो मंच पर आकर शोध पत्र का वाचन करें।
              धन्यवाद मैडम


Rani - ४ )                     को कि वो मंच पर आकर शोध पत्र का वाचन करें।
                धन्यवाद मैडम


Paridhi - ५  )                    को कि वो मंच पर आकर शोध पत्र का वाचन करें।
                धन्यवाद मैडम


Rani - प्रथम सत्र के शोध पत्र के वाचन के पश्चात
            अब मैं इस सत्र के विषय विशेषज्ञ - डॉ राजेश तिवारी सर से अनुरोध करती हूं गंभीर विषय पर हुई चर्चा पर             अपना प्रकाश डालें।
            धन्यवाद सर


Paridhi - प्रथम सत्र के विषय विशेषज्ञ के रूप में प्रोफेसर राजेश तिवारी सर ने बहुत ही सारगर्भित वक्तव्य द्वारा                 हम सभी को फलीभूत किया। अब मैं इस सत्र के अध्यक्ष प्रोफेसर राकेश बाजपेई सर  को आमंत्रित करना             चाहूंगी कि वह प्रथम सत्र पर प्रकाश डालें।
            धन्यवाद सर

Rani - मैं सभी अतिथि गणों का हृदय से आभार व्यक्त करना चाहती हूं।
            आभार व्यक्त करने में B.Ed विभाग से अपनी सह शिक्षिका डॉक्टर अमरीशा देशमुख जी को आमंत्रित                 करना चाहूंगी कि वह आए सभी गुरुजनों व अतिथि गणों का आभार व्यक्त करें।
             धन्यवाद मैडम कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय का भी मैं आभार व्यक्त करना चाहती हूं।
             साथ ही मैं प्रथम तकनीकी सत्र के समापन की घोषणा करती हूं।
           सभागार में मौजूद सभी अतिथि गणों से मैं भोजन के लिए विनम्र अनुरोध करती हूं।कृपया सभी भोजन ग्रहण             करें एवं द्वितीय सत्र का आरंभ भोजन के उपरांत किया जाएगा।
            धन्यवाद

      संगोष्ठी का द्वितीय तकनीकी सत्र


Paridhi - आप सभी की उपस्थिति देखकर चंद लाइने कहना चाहूंगी
                मिलने मिलाने का ऐसा आनंद नहीं देखा
                रिश्तो के लिए ऐसा फिक्र मंद नहीं देखा
                मेहमा तो बहुत देखे हैं हमने
                पर इनका दिल इतना बुलंद नहीं देखा
                हम सभी की ओर से आप सभी के सहयोग के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।


Rani - सभी पक्षों पर ठहर कर विचार करना होगा तभी वर्तमान का भविष्य सही दिशा की ओर अग्रसर होगा।                 जीवन में शिक्षा के महत्व को देखते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्तमान सरकार ने             शिक्षा क्षेत्र में व्यापक बदलाव के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है। शिक्षा नीति में परिवर्तन की             आवश्यकता क्यों है? क्या संबंधित चुनौतियां हैं? इन्हीं ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करने के लिए हम द्वितीय सत्र का           आगाज करते हैं।


Paridhi - द्वितीय तकनीकी सत्र में मंच पर आसीन सभी सम्मानीय अतिथि गणों से अनुमति चाहती हूं।
                धन्यवाद सर
Paridhi - आज के कार्यक्रम के द्वितीय तकनीकी सत्र के अध्यक्ष सम्माननीय प्रोफेसर  ए डी एन बाजपेई सर जी का                स्वागत तालियों की गड़गड़ाहट के साथ करते हैं। आप विश्व विद्यालय परिवार में अर्थशास्त्र विभाग में                       पदस्थ हैं। आप रीवा यूनिवर्सिटी एवं हिमाचल यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति रह चुके हैं । साथ ही साथ                      राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर सर का बहुत ही गहन चिंतन है। इस विषय पर सर के द्वारा दी गई जानकारी से हम                 पहले भी फलीभूत हो चुके हैं।
                मैं सर का शॉल, श्रीफल, मोमेंटो के साथ सम्मान करने के लिए शिक्षा विभाग से आदरणीय प्रोफेसर ए के                 गिल मैडम से अनुरोध करती हूं कि वह सर का सम्मान करें
                धन्यवाद मैडम


Rani - स्वागत श्रंखला में द्वितीय सत्र के विषय विशेषज्ञ प्रोफेसर संजय कुमार अवस्थी सर का जोरदार तालियों से                स्वागत करें। आप गवर्नमेंट मॉडल साइंस कॉलेज जबलपुर पर कार्यरत हैं।
            मैं सर का शॉल, श्रीफल, मोमेंटो के साथ सम्मान करने के लिए कार्यक्रम समन्वयक  आदरणीय डॉ आशीष             मिश्रा सर से अनुरोध करती हूं कि वह सर का सम्मान करें
            धन्यवाद 

Paridhi - हमारी परंपरा रही अतिथि सत्कार की।
            स्वागत श्रंखला में प्रथम सत्र के प्रतिवेदक डॉ  भावना सोनी जी मैडम का जोरदार तालियों से स्वागत करें।                 आप डॉक्टर राधाकृष्णन कॉलेज ऑफ एजुकेशन में प्राचार्य पद पर हैं।
           मैं मैडम सोच का शॉल, श्रीफल, मोमेंटो के साथ सम्मान करने के लिए शिक्षा विभाग से आदरणीय डॉ                     अनुपमा व्यवहार से अनुरोध करती हूं कि वह मैडम का सम्मान करें
                धन्यवाद मैडम


Rani - स्वागत श्रंखला के पश्चात आइए चलते हैं द्वितीय तकनीकी सत्र में विभिन्न महाविद्यालय से आए अतिथि गणों             द्वारा शोध पत्र का वाचन किया जा रहा है। शोध पत्र का वाचन क्रमानुसार है
            १)
            २)
            ३)
            ४)
            ५)


Paridhi - समय की गरिमा को देखते हुए शोध पत्र वाचन करते समय प्रत्येक प्रतिभागी को समय सीमा का ध्यान                 अवश्य रखना होगा । समय अवधि 4 से 5 मिनट निर्धारित की गई है।आप सभी से निवेदन है कि आप स्वयं                समय सीमा का अनुशासन बनाए रखें।
                सर्वप्रथम शोध पत्र के वचन हेतु में आमंत्रित करती हूं
                १)                      को कि वो मंच पर आकर शोध पत्र का वाचन करें।
                    धन्यवाद मैडम


Rani - २)                      को कि वो मंच पर आकर शोध पत्र का वाचन करें।
                धन्यवाद मैडम


Paridhi - ३)                      को कि वो मंच पर आकर शोध पत्र का वाचन करें।
                धन्यवाद मैडम


Rani - ४ )                     को कि वो मंच पर आकर शोध पत्र का वाचन करें।
                धन्यवाद मैडम


Paridhi - ५  )                    को कि वो मंच पर आकर शोध पत्र का वाचन करें।
                धन्यवाद मैडम


Rani - द्वितीय विशेषण सत्र के शोध पत्र के वाचन के पश्चात अब मैं विषय विशेषज्ञ - प्रोफेसर संजय कुमार अवस्थी             सर से अनुरोध करती हूं गंभीर विषय पर हुई चर्चा पर अपना प्रकाश डालें।
            धन्यवाद 

Paridhi - द्वितीय सत्र के शोध पत्र के वाचन के पश्चात मैं अध्यक्ष - प्रोफेसर ए डी एन बाजपेई जी को आमंत्रित करना                 चाहूंगी कि वह द्वितीय सत्र पर प्रकाश डालें।
                धन्यवाद सर


Rani - मैं सभी अतिथि गणों का हृदय से आभार व्यक्त करना चाहती हूं।
        आभार व्यक्त करने में B.Ed विभाग से अपनी सह शिक्षिका डॉ दीप्ति जैन को आमंत्रित करना चाहूंगी कि वह         आए सभी गुरुजनों व अतिथि गणों का आभार व्यक्त करें।
        धन्यवाद मैडम कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय का भी मैं आभार व्यक्त करना चाहती हूं।
        साथ ही मैं द्वितीय तकनीकी सत्र के समापन की घोषणा करती हूं।
        धन्यवाद

https://anchor.fm/dr-rani-vaidya

आभार प्रदर्शन


आभार प्रदर्शन

सभी मंचासीन अतिथि गण एवं गुरुजनों को मेरा सादर नमस्कार
मैं डॉक्टर रानी वैद्य शिक्षा विभाग, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की ओर से, आप सभी विद्वत जनों का, आभार व्यक्त करती हूं
एवं साथ ही साथ महिला दिवस की, आप सभी को ढेर सारी शुभकामनाएं देती हूं

हमारी परंपरा रही है अतिथि सत्कार की
आभार व्यक्त करना इस श्रंखला का प्रमुख हिस्सा है

Every home is a University and parents are the teachers.
ऐसे ही सम्माननीय शिक्षक एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे माननीयकुलपति प्रोफेसर कपिल देव मिश्र जी का सहृदय आभार व्यक्त करती हूं। आपकी प्रेरणा, अमूल्य सहयोग, मार्गदर्शन और आशीर्वादके बिना यह आयोजन एक दिवास्वप्न की तरह था।
बहुत-बहुत धन्यवाद सर 🙏

We all have a wonder woman inside of us.
ऐसे ही वंडर वूमेन और कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सुश्री रेखा मैडम का तहे दिल से मैं आभार व्यक्त करती हूं। आपका सरल, सहज व्यक्तित्व ने हम सभी को प्रभावित किया।
धन्यवाद मैम 🙏

The most beautiful thing a woman can wear is confidence.
ऐसी ही आत्मविश्वास की धनी और कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्रीमती कांति रावत मिश्रा मैडम जी का सहृदय से मैं आभार व्यक्त करती हूं । आपकी प्रेरणादायक संबोधन से हम सभी लाभांवित हुए।
बहुत-बहुत धन्यवाद मैडम 🙏

No matter what language
you speak
a kind and smiling
thank you
always speaks to
everyone's heart.
इसी श्रंखला में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉक्टर दीपेश मिश्रा सर का सहृदय आभार व्यक्त करती हूं। आपकी गरिमामय उपस्थिति से हम सभी लाभांवित हुए।
बहुत-बहुत धन्यवाद सर 🙏

Where
there is a woman
there is a magic.
ऐसे ही बहुमुखी व्यक्तित्व के धनी
हमारे शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अलका नायक मैडम जी का
मैं कोटि से आभार व्यक्त करना चाहती हूं। आपके मार्गदर्शन, अमूल्य सहयोग से यह कार्यक्रम सफलता का परचम लहरा रहा है।
बहुत-बहुत धन्यवाद मैम 🙏

आभार श्रंखला में सभी विभागों से आए वरिष्ठ प्राध्यापक गण, गुरुजनों, समस्त अतिथि विद्वानों, मीडिया कर्मी बंधुओं का एवं कार्यक्रम में उपस्थित समस्त जन समुदाय का में कोटि कोटि आभार व्यक्त करती हूं।

अंत में कार्यक्रम का संचालन कर रही सह शिक्षिका डॉक्टर अमरीशा देशमुख एवं बीएड विभाग के समस्त शिक्षिकाओं का
मैं दिल से आभार व्यक्त करती हूं
सभी के सामूहिक सहयोग, तत्परता से कार्यक्रम सफलता के शिखर छू रहा है।
सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद 🙏

दो शब्द कहकर अपनी वाणी को विराम दूंगी।
Every home
Every heart
Every feeling
Every moment of happiness
is incomplete without you.
Only you can complete
this world.
Happy women's day all of you
Thank you

Tuesday, 9 February 2021

वास्तविक शिक्षा है संस्कारों का हमारे व्यवहार में परिलक्षित होना


        जगतगुरु, विश्व वंदनीय, संत शिरोमणि, श्रवण संस्कृति के नायक, चरित्र चूड़ामणि श्री आचार्य भगवन श्री 108 विद्यासागर जी मुनि महाराज के चरणों में बारंबार नमन
        परम पूज्य 105 आर्य का श्री रिजु मति माताजी को हृदय से बारंबार नमन
        आरिका संघ को बारंबार नमन
एवं
         सभी जैन बंधुओं को
         सादर जय जिनेंद्र सादर प्रणाम

"जब तक शिक्षा का मकसद नौकरी पाना होगा,
तब तक समाज में नौकर ही पैदा होंगे, मालिक नहीं"

       शिक्षा का मकसद यह नहीं कि हम स्कूल या कॉलेज में पढ़ने से महान बन जाएंगे बल्कि शिक्षा का मतलब संस्कारों से भी आता जाता है / जब तक इंसान के अंदर तेरा मेरा रहेगा तो वह शिक्षित नहीं बल्कि जानवर से भी गिरा हुआ होगा,
      अरे शिक्षित इंसान का मतलब तो वह है जो इंसान बिना किसी लोग के समाज में पल रही कुरीतियों को दूर करें और समाज के लोगों की बिना किसी लोग के उनकी प्रगति में मदद करें अरे आज दुनिया में शिक्षा पर या का पर्यायवाची नौकरी पाने का यंत्र मात्र है क्या है तभी तो समाज में नौकर ही पैदा होते हैं मालिक नहीं मैं तो बस इतना कहना चाहती हूं कि नौकर और मालिक के भेद को समझने की जरूरत आन पड़ी है मालिक जो स्वयं के विवेक का इस्तेमाल करें नौकर जो केवल आदेशों का पालन करें मालिक जिसमें सृजन की क्षमता है नौकर जो केवल दिशा निर्देश पर चलता है सब पढ़ाया गया जिंदगी की पाठशाला में कौन-कौन षटकोण पर जीवन में जो हमेशा उपयोगी है उसे कभी नहीं पढ़ाया गया है वह है दृष्टिकोण आज हमारी दृष्टि केवल नौकरी पाने तक ही सीमित हो गई है तो क्या शिक्षा का काम बस नौकरी दिलाना है ज्ञान बुद्धि विद्या गुण अकल जैसे शब्द लगभग शिक्षा का पर्याय हैं तो वास्तविक शिक्षा क्या है इसका सही समझ आज के समय में विरले ही समझते हैं अन्यथा इसका अर्थ तो लोग कई प्रकार से लगाते हैं जैसा कि धर्म से पद से प्रतिष्ठा से ज्ञान के अभिमान से आदि-आदि शिक्षा का वास्तविक अर्थ तो उसकी ज्ञान ना हो करके व्यवहारिक ज्ञान से है वास्तव में शिक्षा का उद्देश्य सूचना नहीं परंतु समझ होती है शिक्षा का उद्देश्य कायदा नहीं परंतु व्यवस्था होती है शिक्षा का उद्देश कानून नहीं परंतु अनुशासन होता है शिक्षा का उद्देश्य नहीं परंतु भरोसा होता है शिक्षा का उद्देश्य शोषण नहीं परंतु पोषण होता है शिक्षा का उद्देश्य आग्रह नहीं परंतु आदर होता है शिक्षा का उद्देश्य संपर्क नहीं परंतु संबंध होता है शिक्षा का उद्देश्य अर्पण नहीं परंतु समर्पण होता है विकास ही वास्तविक शिक्षा है अनुभव से ज्ञान प्राप्त करना है वास्तविक शिक्षा है संस्कारों का हमारे व्यवहार में परिलक्षित होना ही वास्तविक शिक्षा है हमेशा याद रखिए शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ रोजी-रोटी तक सीमित नहीं बल्कि शिक्षा असल अर्थ में तो जीना सिखाती है एक अनपढ़ भी अपनी रोजी रोटी कमा लेता है और यहां तक कि जानवर भी अपना पेट भर लेता है बिना किसी शिक्षा ग्रहण किए तो अगर हमें मौका मिला है कि सभ्य समाज में रहकर उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे तो हमें इसे सही अर्थों में ग्रहण करना चाहिए आश्रित नहीं देन हार बने स्वयं के करता बने और समाज का उद्धार करें

Sunday, 7 February 2021

बच्चों में भी हो सकता है - डिप्रेशन

मन में विचार उठता है।
कि बच्चों में भी डिप्रेशन हो सकता है।
यह कैसे अवस्था है ?
डिप्रेशन बच्चों को किस प्रकार घेर लेता है ?
किस प्रकार से डिप्रेशन को दूर किया जा सकता है ?
समझने का एक प्रयास किया,
तो लगा बचपन ऐसी व्यवस्था है,
जिसमें किसी तरह की सामाजिक - पारिवारिक जिम्मेदारियां नहीं होती।
लेकिन कई बार हम देखते हैं,
कि रोजमर्रा में जीवन में नकारात्मकता का सामना बच्चों को सदैव करना पड़ता है।
जो कहीं ना कहीं डिप्रेशन का कारण बनता है।
ऐसे में क्या होता है, उनके व्यवहार में उदासी छा जाती है।
माता - पिता समझते हैं, कि इस तरह का व्यवहार जो बच्चा कर रहा है,
हो सकता है नींद की कमी के कारण, तबीयत ठीक ना होने के कारण,
पेट में दर्द होने के कारण इत्यादि
जरूरी है कि डिप्रेशन को समझें
साथ ही साथ उसके लक्षण को समझे। बच्चों के साथ समय बिताएं।
उन्हें भावनात्मक रूप से जुड़े और नकारात्मकता को कम करें।
बच्चों की बॉडी लैंग्वेज से समझा जा सकता है, किस हद तक डिप्रेशन हो रहा है।
बच्चों को प्यार से जुड़कर के सकारात्मक दिशा की ओर ले जाएं।
आज वर्तमान में नकारात्मकता का दौर है। हम स्वयं कई तरह की नकारात्मक भावों से घिरे हुए, हम स्वयं इन विपरीत परिस्थितियों के साथ सामंजस्य बिठाते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
बच्चों को सकारात्मकता से जुड़े उन्हें अपने साथ समय व्यतीत करने के लिए प्रोत्साहित करें।
जिससे कि उनका जो खाली समय है वह आपके साथ व्यतीत होगा तो नकारात्मकता अपने आप कम होगी।
जीवन में परेशानियों से लड़ना सिखाएं।
वास्तविकता का आईना दिखाएं,
कहानियों के माध्यम से वास्तविक जीवन के पहलुओं को दिखाकर बच्चों को समझाना जरूरी है।
उनके मन को विकसित करना जरूरी है। उसके मन में यदि आपने सही विचार पैदा किए तो वे सकारात्मकता की ओर बढ़ेंगे।
बच्चे सकारात्मक रूप से जीवन में आगे बढ़ पाएंगे और अपने डिप्रेशन को दूर कर पाए।अन्य ने प्रश्नों के साथ मैं आपसे अगले एपिसोड में मिलूंगी।
धन्यवाद 

https://anchor.fm/dr-rani-vaidya




Tuesday, 9 June 2020

Role of e - resources and mind mastering strategies in Education


The world has come to stand still due to the  outbreak of corona virus. Every country is trying to protect their countrymen by locking them into confined areas because the only method to stop the spread of the virus is to break the human chain through lockdowns. Due to this lock down millions of people lost their jobs in their respective countries and are now unemployed. This virus not only affected people's life internally but also externally by running their wealth. Besides health and wealth education also play an important role in a person's life. So the education system transformed itself with the help of internet into e- learning. Schools, colleges and universities are closed in this pandemic situation that doesn't mean the education system will be stopped, it will continue till eternity. Though pathway of education is changed to e-Learning but its effectiveness is the same and  more enhancing.To create an atmosphere of e-learning e-resources and mind mastering strategies are giving a helping hand to education at a higher level. To take part in e- learning we first have to understand its components. The major components of e-Learning are e-resources and mind mastering strategies. E- Resources are material in digital format accessible electronically. For instance electronic journals, ebooks, online database etc.these resources are playing a prominent role in supporting education and fulfilling educational objectives. Now why students can attend their classes virtually by sitting at their home online. This not only helps students to obtain knowledge but also provide a medium for teachers to deliver their knowledge. E- learning is also supported by mind mastering strategies. To ensure stillness at focusing in education, mind mastering strategies are used these strategies build your mind in a dynamic way which can understand e- learning and practice it virtually. It increase learning capacity of a person and helps in achieving goals. it also helps in focusing at purposeful communication, problem solving, integrative perspective and self regulated learning. Some of the strategies to control your mind are listed below:

‌talk to yourself
keep a journal
make peace with your past. 
Audit yourself
Cognitive reappraisal.
If We combine e-resources and mind mastering strategies correctly 
it will make the education system more stronger.


By Sanskriti Vaidya

गेमीफाइड लर्निंग

गेमीफाइड लर्निंग एक शिक्षण विधि है जो खेलों के माध्यम से शिक्षा देने का प्रयास करती है। यह उन छात्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है...