मंच संचालन का प्रारूप
2 शिक्षकों द्वारा राष्ट्रीय संगोष्ठी का मंच संचालन
संगोष्ठी का शीर्षक
"शिक्षक शिक्षा में पाठ्यक्रम एवं प्रशासन: संभावनाएं एवं अवसर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिपेक्ष में"
प्रथम संचालन - डॉक्टर रानी वैद्य
द्वितीय संचालन - डॉक्टर परिधि वर्मा
संगोष्ठी का प्रथम तकनीकी सत्र
Rani - "हमारे इस विश्व विद्यालय परिवार में स्वागत है आप सभी का
शब्दों के इस संसार में स्वागत है आपका
गहन चिंतन और मनन के मंच पर स्वागत है आपका
शिक्षा के मंदिर में स्वागत है आप सभी का"
सभागार में मौजूद सभी सम्मानीय अतिथियों को मेरा नमस्कार
मैं डॉक्टर रानी वैद्य आप सभी का इस संगोष्ठी में हार्दिक स्वागत करती हूं अभिनंदन करती हूं
Paridhi - मंच पर आसीन अति आदरणीय विद्वत जन एवं इस सभागार में उपस्थित सभी प्रबुद्ध जनों का मैं डॉक्टर परिधि वर्मा अभिवादन करती हूं। आज के कार्यक्रम की जानकारी आप सभी को कार्यक्रम के समन्वयक डॉ आशीष सर द्वारा दी जा चुकी है।
Rani - संगोष्ठी का शीर्षक शिक्षक शिक्षा में पाठ्यक्रम एवं प्रशासन संभावनाएं एवं अवसर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिपेक्ष में।
इस संगोष्ठी में है हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने में समस्याओं, चुनौतियां एवं समाधान पर प्रकाश डाला जा रहा है।
वास्तव में विजय समस्याओं में अवसर खोजने से आती है।
चुनौतियां सफलता के नए द्वार हैं।
इन समस्याओं और अवसरों पर प्रकाश डालने इस प्रथम तकनीकी सत्र में मंच पर आसीन सभी सम्मानीय अतिथि गणों से अनुमति चाहती हूं
धन्यवाद सर
Paridhi - तो तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत करें आज के कार्यक्रम के प्रथम तकनीकी सत्र के अध्यक्ष श्री सम्माननीय प्रोफेसर राकेश बाजपेई सर जी का। आप विश्व विद्यालय परिवार में भौतिकी शास्त्र में वरिष्ठ सदस्य हैं। साथ ही साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संयोजक हैं।
मैं सर का शॉल, श्रीफल, मोमेंटो के साथ सम्मान करने के लिए शिक्षा विभाग से आदरणीय प्रोफेसर ए के गिल मैडम से अनुरोध करती हूं कि वह सर का सम्मान करें
धन्यवाद मैडम
Rani - स्वागत श्रंखला में प्रथम सत्र के विषय विशेषज्ञ डॉ राजेश तिवारी सर का जोरदार तालियों से स्वागत करें। आप संयुक्त निर्देशक शिक्षा, जबलपुर संभाग में सार्वजनिक निर्देश निर्देशआलय में पदस्थ हैं
मैं सर का शॉल, श्रीफल, मोमेंटो के साथ सम्मान करने के लिए आज के कार्यक्रम के समन्वयक आदरणीय डॉ आशीष मिश्रा से अनुरोध करती हूं कि वह सर का सम्मान करें
धन्यवाद
Paridhi - हमारी परंपरा रही अतिथि सत्कार की।
स्वागत श्रंखला में प्रथम सत्र के प्रतिवेदन डॉक्टर सुनील जैन जी का जोरदार तालियों से स्वागत करें। आप श्री वर्णी दिगंबर कॉलेज के प्राचार्य हैं।
मैं सर का शॉल, श्रीफल, मोमेंटो के साथ सम्मान करने के लिए शिक्षा विभाग से आदरणीय डॉ अंजू यादव मैडम से अनुरोध करती हूं कि वह सर का सम्मान करें
धन्यवाद मैडम
Rani - स्वागत श्रंखला के पश्चात आइए चलते हैं प्रथम तकनीकी सत्र में
विभिन्न महाविद्यालय से आए अतिथि गणों द्वारा शोध पत्र का वाचन किया जा रहा है। शोध पत्र का वाचन क्रमानुसार है जिन 5 प्रतिभागियों को शोध पत्र के लिए आमंत्रित कर रहे हैं उनके नाम निम्नानुसार है।
१)
२)
३)
४)
५)
Paridhi - समय की गरिमा को देखते हुए शोध पत्र वाचन करते समय प्रत्येक प्रतिभागी को समय सीमा का ध्यान अवश्य रखना होगा । समय अवधि 4 से 5 मिनट निर्धारित की गई है।आप सभी से निवेदन है कि आप स्वयं समय सीमा का अनुशासन बनाए रखें।
सर्वप्रथम शोध पत्र के वचन हेतु में आमंत्रित करती हूं
१) को कि वो मंच पर आकर शोध पत्र का वाचन करें।
धन्यवाद मैडम
Rani - २) को कि वो मंच पर आकर शोध पत्र का वाचन करें।
धन्यवाद मैडम
Paridhi - ३) को कि वो मंच पर आकर शोध पत्र का वाचन करें।
धन्यवाद मैडम
Rani - ४ ) को कि वो मंच पर आकर शोध पत्र का वाचन करें।
धन्यवाद मैडम
Paridhi - ५ ) को कि वो मंच पर आकर शोध पत्र का वाचन करें।
धन्यवाद मैडम
Rani - प्रथम सत्र के शोध पत्र के वाचन के पश्चात
अब मैं इस सत्र के विषय विशेषज्ञ - डॉ राजेश तिवारी सर से अनुरोध करती हूं गंभीर विषय पर हुई चर्चा पर अपना प्रकाश डालें।
धन्यवाद सर
Paridhi - प्रथम सत्र के विषय विशेषज्ञ के रूप में प्रोफेसर राजेश तिवारी सर ने बहुत ही सारगर्भित वक्तव्य द्वारा हम सभी को फलीभूत किया। अब मैं इस सत्र के अध्यक्ष प्रोफेसर राकेश बाजपेई सर को आमंत्रित करना चाहूंगी कि वह प्रथम सत्र पर प्रकाश डालें।
धन्यवाद सर
Rani - मैं सभी अतिथि गणों का हृदय से आभार व्यक्त करना चाहती हूं।
आभार व्यक्त करने में B.Ed विभाग से अपनी सह शिक्षिका डॉक्टर अमरीशा देशमुख जी को आमंत्रित करना चाहूंगी कि वह आए सभी गुरुजनों व अतिथि गणों का आभार व्यक्त करें।
धन्यवाद मैडम कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय का भी मैं आभार व्यक्त करना चाहती हूं।
साथ ही मैं प्रथम तकनीकी सत्र के समापन की घोषणा करती हूं।
सभागार में मौजूद सभी अतिथि गणों से मैं भोजन के लिए विनम्र अनुरोध करती हूं।कृपया सभी भोजन ग्रहण करें एवं द्वितीय सत्र का आरंभ भोजन के उपरांत किया जाएगा।
धन्यवाद
संगोष्ठी का द्वितीय तकनीकी सत्र
Paridhi - आप सभी की उपस्थिति देखकर चंद लाइने कहना चाहूंगी
मिलने मिलाने का ऐसा आनंद नहीं देखा
रिश्तो के लिए ऐसा फिक्र मंद नहीं देखा
मेहमा तो बहुत देखे हैं हमने
पर इनका दिल इतना बुलंद नहीं देखा
हम सभी की ओर से आप सभी के सहयोग के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।
Rani - सभी पक्षों पर ठहर कर विचार करना होगा तभी वर्तमान का भविष्य सही दिशा की ओर अग्रसर होगा। जीवन में शिक्षा के महत्व को देखते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्तमान सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में व्यापक बदलाव के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है। शिक्षा नीति में परिवर्तन की आवश्यकता क्यों है? क्या संबंधित चुनौतियां हैं? इन्हीं ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करने के लिए हम द्वितीय सत्र का आगाज करते हैं।
Paridhi - द्वितीय तकनीकी सत्र में मंच पर आसीन सभी सम्मानीय अतिथि गणों से अनुमति चाहती हूं।
धन्यवाद सर
Paridhi - आज के कार्यक्रम के द्वितीय तकनीकी सत्र के अध्यक्ष सम्माननीय प्रोफेसर ए डी एन बाजपेई सर जी का स्वागत तालियों की गड़गड़ाहट के साथ करते हैं। आप विश्व विद्यालय परिवार में अर्थशास्त्र विभाग में पदस्थ हैं। आप रीवा यूनिवर्सिटी एवं हिमाचल यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति रह चुके हैं । साथ ही साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर सर का बहुत ही गहन चिंतन है। इस विषय पर सर के द्वारा दी गई जानकारी से हम पहले भी फलीभूत हो चुके हैं।
मैं सर का शॉल, श्रीफल, मोमेंटो के साथ सम्मान करने के लिए शिक्षा विभाग से आदरणीय प्रोफेसर ए के गिल मैडम से अनुरोध करती हूं कि वह सर का सम्मान करें
धन्यवाद मैडम
Rani - स्वागत श्रंखला में द्वितीय सत्र के विषय विशेषज्ञ प्रोफेसर संजय कुमार अवस्थी सर का जोरदार तालियों से स्वागत करें। आप गवर्नमेंट मॉडल साइंस कॉलेज जबलपुर पर कार्यरत हैं।
मैं सर का शॉल, श्रीफल, मोमेंटो के साथ सम्मान करने के लिए कार्यक्रम समन्वयक आदरणीय डॉ आशीष मिश्रा सर से अनुरोध करती हूं कि वह सर का सम्मान करें
धन्यवाद
Paridhi - हमारी परंपरा रही अतिथि सत्कार की।
स्वागत श्रंखला में प्रथम सत्र के प्रतिवेदक डॉ भावना सोनी जी मैडम का जोरदार तालियों से स्वागत करें। आप डॉक्टर राधाकृष्णन कॉलेज ऑफ एजुकेशन में प्राचार्य पद पर हैं।
मैं मैडम सोच का शॉल, श्रीफल, मोमेंटो के साथ सम्मान करने के लिए शिक्षा विभाग से आदरणीय डॉ अनुपमा व्यवहार से अनुरोध करती हूं कि वह मैडम का सम्मान करें
धन्यवाद मैडम
Rani - स्वागत श्रंखला के पश्चात आइए चलते हैं द्वितीय तकनीकी सत्र में विभिन्न महाविद्यालय से आए अतिथि गणों द्वारा शोध पत्र का वाचन किया जा रहा है। शोध पत्र का वाचन क्रमानुसार है
१)
२)
३)
४)
५)
Paridhi - समय की गरिमा को देखते हुए शोध पत्र वाचन करते समय प्रत्येक प्रतिभागी को समय सीमा का ध्यान अवश्य रखना होगा । समय अवधि 4 से 5 मिनट निर्धारित की गई है।आप सभी से निवेदन है कि आप स्वयं समय सीमा का अनुशासन बनाए रखें।
सर्वप्रथम शोध पत्र के वचन हेतु में आमंत्रित करती हूं
१) को कि वो मंच पर आकर शोध पत्र का वाचन करें।
धन्यवाद मैडम
Rani - २) को कि वो मंच पर आकर शोध पत्र का वाचन करें।
धन्यवाद मैडम
Paridhi - ३) को कि वो मंच पर आकर शोध पत्र का वाचन करें।
धन्यवाद मैडम
Rani - ४ ) को कि वो मंच पर आकर शोध पत्र का वाचन करें।
धन्यवाद मैडम
Paridhi - ५ ) को कि वो मंच पर आकर शोध पत्र का वाचन करें।
धन्यवाद मैडम
Rani - द्वितीय विशेषण सत्र के शोध पत्र के वाचन के पश्चात अब मैं विषय विशेषज्ञ - प्रोफेसर संजय कुमार अवस्थी सर से अनुरोध करती हूं गंभीर विषय पर हुई चर्चा पर अपना प्रकाश डालें।
धन्यवाद
Paridhi - द्वितीय सत्र के शोध पत्र के वाचन के पश्चात मैं अध्यक्ष - प्रोफेसर ए डी एन बाजपेई जी को आमंत्रित करना चाहूंगी कि वह द्वितीय सत्र पर प्रकाश डालें।
धन्यवाद सर
Rani - मैं सभी अतिथि गणों का हृदय से आभार व्यक्त करना चाहती हूं।
आभार व्यक्त करने में B.Ed विभाग से अपनी सह शिक्षिका डॉ दीप्ति जैन को आमंत्रित करना चाहूंगी कि वह आए सभी गुरुजनों व अतिथि गणों का आभार व्यक्त करें।
धन्यवाद मैडम कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय का भी मैं आभार व्यक्त करना चाहती हूं।
साथ ही मैं द्वितीय तकनीकी सत्र के समापन की घोषणा करती हूं।
धन्यवाद
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